नाइजर में तख़्तापलट के बाद उठे सवाल, पश्चिमी अफ़्रीका में अस्थिरता के लिए फ़्रांस कितना ज़िम्मेदार
नाइज़र में तख़्तापलट के बाद उठे सवाल, पश्चिमी अफ़्रीका में अस्थिरता के लिए फ़्रांस कितना ज़िम्मेदार गुडबाय फ्रांस' वाली तख़्ती दिखाते तख़्तापलट के समर्थक पश्चिमी अफ़्रीका में बुरकिना फ़ासो, गिनी, माली और चाड के बाद अब नीजेर में भी सेना सत्ता पर काबिज़ हो गई है. दिलचस्प बात ये है कि ये सभी देश फ़्रांस के पूर्व उपनिवेश रहे हैं. वर्ष 1990 के बाद से अफ़्रीका के इस क्षेत्र में हुई तख़्तापलट की 27 घटनाओं में से 78% घटनाएं पूर्व फ़्रांसीसी उपनिवेशों में हुई हैं. ऐसे में राजनीतिक टीकाकार सवाल उठाने लगे हैं कि क्या इन सबके लिए फ़्रांसीसी उपनिवेशवाद या उसकी विरासत ज़िम्मेदार है? तख़्तापलट की इन तमाम साज़िशों से जुड़े लोग इस विश्लेषण को सही मानेंगे. साल 2022 के सितंबर में माली की सेना ने कर्नल अब्दूलाए मैगा को देश का प्रधानमंत्री नियुक्त किया था कर्नल मैगा कहते रहे हैं कि फ़्रांस ने माली की पीठ में छुरा भोंका है. उनका मानना है कि फ़्रांस ने नैतिकता का त्याग कर दिया है और वो नव-उपनिवेशवाद की नीति पर अमल कर रहा है. बुर्किना फ़ासो में भी फ्रांस विरोधी विचार फल फूल रहे हैं. वहाँ भी सैन...